आप रील्स देख रहे हैं, या रील्स आपको देख रही हैं? डोपामाइन और डिजिटल लत का खतरनाक सच

बस एक रील देखने के बाद मोबाइल रख दूंगी। कहीं ये आपको ये इंस्टेंट हैप्पीनेस का जुगाड़ कहीं अपना ग़ुलाम तो नहीं बना रहा। ऐसा अक्सर होता है आप कुछ देखने के लिए फोन उठाते हैं या कोई वीडियो देखने के लिए सोशल मीडिया खोलते हैं लेकिन कब घंटों निकल जाते हैं पता ही नहीं चलता। उंगलियां सिर्फ स्क्रीन पर रील स्क्रॉल कर रही होती हैं। हमें ये पता ही नहीं चल पा रहा है कि हमें कब डिजिटल मीडिया की लत लग चुकी है। इसका कारण क्या है, निवारण क्या है, इसके बारे में हम आपको बता रहे हैं।
आज के समय में इंस्टाग्राम रील्स से लेकर फेसबुक रील्स करोड़ लोगों की रोज़ की ज़िंदगी का हिस्सा बन गए है। यहां हर कुछ सेकंड में कुछ भी चीज़ वायरल हो जाती है। लोग वैसे ही चीज़ों देखना पसंद कर रहे है। यही वजह है कि लोगों को आज डिजिटल मीडिया की बहुत बुरी लत चुकी है।
क्या है ये डोपमाइन, इसका रील से क्या है संबंध
डोपामाइन हमारे मस्तिष्क में बनने वाला एक न्यूरोट्रांसमीटर होता है। जिससे लोगो को एक ही काम करने में मज़ा आता है, इसमें कोई रोक-टोक नहीं होती है। जब कोई कॉमेडी, इमोशनल, रोमांच बढ़ाने वाले कंटेंट हम लगातार देखते हैं तो हमारे दिमाग में डोपामाइन भी बहुत तेज़ी से बढ़ता है। हालांकि ये भी कहना सच नहीं होगा की हर किसी को डोपमाइन की लत लगी है, लेकिन लोगों को जरूरत से ज्यादा सोशल मीडिया की लत लग चुकी है।
क्यों नहीं रुकती स्क्रॉलिंग?
शॉर्ट्स वीडियो प्लेटफार्म ऐसे एल्गोरिदम का इस्तेमाल करते है, जो आपके दिमाग में चल रही चीज़ को दिखाता है। हर प्लेटफार्म आपको वैसी चीज़ ही दिखती है। आप जैसा कंटेंट देखेंगे, आपके फीड में वैसे ही कंटेंट आते हैं। इसलिए कोई भी नई वीडियो अच्छी लगने लगती है, यही वजह है कि लोग कुछ समय के लिए इंस्टा खोलते है लेकिन घंटो इसमें खपा देते हैं। इसका पता भी नहीं चलता है। इसी वहज से लोगों में डोपामाइन का सीकर हो रहे है।
डिजिटल की लत बढ़ते संकेत
हर 10 -15 मिनट में आप बिना मतलब या बिना जरूरत मोबाइल देख रहे हैं, काम या पढ़ाई के बीच में रील्स देख रहे हैं, सोने से पहले या जागने के बाद तुरंत सोशल मीडिया पर चले जाते हैं। तो ये आपकी डिजिटल लत बढ़ने का ही संकेत है। स्क्रीन टाइम कम करने की आप सोचते हैं लेकिन वो आपसे हो नहीं पाता, परिवार या दोस्तों के साथ होते हैं फिर भी आप फोन में बिजी रहते हैं, आपका मोबाइल दूर रहता है तो आपको बेचैनी होती है। ये सभी चीज़ आपको डिजिटल मीडिया की लत लगा रही है।
मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर
जानकारों का कहना है कि अगर आप जरुरत से ज्यादा स्क्रीन देखते हैं तो आपके सोचने की क्षमता धीरे-धीरे कम हो जाती है। उत्पादकता और नींद में भी कामी ला देती है। रील के वहज से लोग चिंता, तनाव किसी भी काम में मन नहीं लगता, आपकी सोचने-समझने की क्षमता कम हो जाती है।
कैसे पाएं इससे छुटकारा
सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने की एक लिमिट सेट कर दें। शुरुआत में आपको थोड़ी तकलीफ होगी लेकिन धीरे-धीरे आप अपनी आदत में सुधार लाते जाएंगे। फ़ोन में स्क्रीन टाइम देखते रहे,जो जरूरत की नोटिफिकेशन नहीं है उसे बंद कर दें, ताकि आपका ध्यान उसपे ना जाये, सुबह उठें तो सोशल मीडिया का इस्तेमाल ना करें, थोड़ा समय बुक पढ़ने और चीज़ो में ध्यान दें। दिन में थोड़ा समय अपने साथ निकले अच्छा लगेगा।
रील और शॉर्ट्स वीडियो मनोरंजन का अच्छा साधन है, लेकिन हर मनोरंजन की एक सीमा होनी चाहिए। अगर हर समय आपकी ऊंगली रील और शॉर्ट्स वीडियो पर जा रही है तो आप भी सावधान हो जाये।
कंटेंट- नेहा कुमारी
इस लिंक को शेयर करें

